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कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: भारत का दमदार प्रदर्शन जारी, 15 पदकों के साथ चौथे स्थान पर…

नीरज चोपड़ा समेत तीन भारतीय जैवलिन फाइनल में

ग्लास्गो। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन लगातार जारी है। सातवें दिन के मुकाबलों के बाद भारत के खाते में 15 पदक हो चुके हैं और भारतीय दल पदक तालिका में चौथे स्थान पर बना हुआ है। एथलेटिक्स, पैरा एथलेटिक्स और भारोत्तोलन में भारतीय खिलाड़ियों ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए देश की पदक संख्या में लगातार इजाफा किया है।

बुधवार का सबसे बड़ा आकर्षण पैरा एथलीट दिलीप महाडू गावित रहे। उन्होंने पुरुष पैरा ट्रैक स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतते हुए नया कॉमनवेल्थ गेम्स रिकॉर्ड भी कायम किया। वहीं, स्टार लंबी कूद खिलाड़ी मुरली श्रीशंकर ने 8.09 मीटर की छलांग लगाकर रजत पदक अपने नाम किया। वह स्वर्ण पदक से महज छह सेंटीमीटर पीछे रहे।

नीरज चोपड़ा ने फाइनल में बनाई जगह

भारत के लिए एक और बड़ी खुशखबरी एथलेटिक्स से आई। ओलंपिक और विश्व चैंपियन नीरज चोपड़ा ने पुरुष जैवलिन थ्रो के फाइनल के लिए आसानी से क्वालिफाई कर लिया। खास बात यह रही कि उनके साथ रोहित यादव और यशवीर सिंह ने भी फाइनल में जगह बनाई। अब फाइनल में तीन भारतीय चुनौती पेश करेंगे, जिससे भारत की पदक उम्मीदें और मजबूत हो गई हैं।

फाइनल में जगह बनाने के बाद नीरज चोपड़ा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उनका पहला लक्ष्य क्वालिफिकेशन पार कर फाइनल में पहुंचना था, जिसे उन्होंने हासिल कर लिया है। उन्होंने कहा,

“मैं खुश हूं कि मैं फाइनल में पहुंच गया हूं। क्वालिफिकेशन राउंड का यही लक्ष्य था। यहां काफी ठंड और तेज हवा थी, लेकिन लगभग 79 मीटर का थ्रो ठीक रहा। हमारा उद्देश्य फाइनल के लिए क्वालिफाई करना था और अब फाइनल में अपना सर्वश्रेष्ठ देना है। इसलिए मैं अपने प्रदर्शन से संतुष्ट हूं।”

नीरज ने बताया कि जैवलिन थ्रो के लिए परिस्थितियां बिल्कुल अनुकूल नहीं थीं। उन्होंने कहा,

“सिर्फ ठंड ही नहीं थी, बल्कि हवा भी काफी तेज और लगातार दिशा बदल रही थी। कभी हवा बगल से चल रही थी तो कभी दूसरी दिशा से, जिससे यह तय करना मुश्किल हो रहा था कि भाला किस दिशा में फेंका जाए। आज कई थ्रोअर संघर्ष करते नजर आए और कोई भी खिलाड़ी सीधे क्वालिफिकेशन का मानक हासिल नहीं कर सका। परिस्थितियां कठिन थीं, लेकिन हमें खुशी है कि भारत के तीनों जैवलिन थ्रोअर फाइनल में पहुंच गए हैं।”

मुक्केबाजी से भी बड़ी उम्मीद

भारतीय मुक्केबाजों ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए कई भार वर्गों के सेमीफाइनल में जगह बनाई है। इसके साथ ही भारत के कम से कम 10 मुक्केबाजी पदक लगभग तय माने जा रहे हैं। अब निगाहें इन मुकाबलों को स्वर्ण में बदलने पर होंगी।

अब तक भारत के प्रमुख पदक विजेता

  • मीराबाई चानू – स्वर्ण (भारोत्तोलन)
  • दिलीप महाडू गावित – स्वर्ण (पैरा एथलेटिक्स)
  • शर्मिला ढांकर – स्वर्ण (महिला शॉटपुट F57)
  • मुरली श्रीशंकर – रजत (लंबी कूद)
  • ऋषिकांता सिंह – रजत (भारोत्तोलन)
  • ज्ञानेश्वरी यादव – रजत
  • सर्वेश कुशारे – रजत
  • वल्लूरी अजय बाबू – रजत
  • बिंदियारानी देवी – कांस्य
  • शिल्पा के. शायला – कांस्य

पदक तालिका में भारत

सातवें दिन की समाप्ति तक भारत 15 पदकों के साथ चौथे स्थान पर कायम है। शीर्ष पर ऑस्ट्रेलिया का दबदबा बरकरार है, जबकि इंग्लैंड और कनाडा क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं। आने वाले दो दिनों में एथलेटिक्स, मुक्केबाजी और भारोत्तोलन के फाइनल मुकाबलों में भारत के पास पदकों की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी का सुनहरा अवसर होगा।

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