उत्तराखंड

बदरीनाथ दान चोरी मामले में आरोपी प्रमोद नौटियाल गिरफ्तार..

एसआईटी की एक टीम ने कल रात देहरादून से किया गिरफ्तार

बदरीनाथ मंदिर के चढ़ावे में कथित गबन के मामले में जांच लगातार नए खुलासे कर रही है। उत्तराखण्ड पुलिस के अनुसार, मामले में निलंबित कर्मचारी प्रमोद नौटियाल को देर रात देहरादून से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस आज उन्हें न्यायालय के समक्ष पेश करेगी। इससे पहले पुलिस ने इस मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी और मंदिर समिति से जांच रिपोर्ट सहित सीसीटीवी फुटेज भी मांगे थे।

बीकेटीसी की विभागीय जांच में सामने आया कि आरोपी कर्मचारी कई बार गणना कक्ष से चढ़ावे का सामान और नकदी लेकर बाहर जाता दिखाई दिया। जांच टीम ने 2 जुलाई को आरोपी सहित कर्मचारियों के बयान दर्ज किए। जांच के दौरान यह भी पाया गया कि आरोपी गणना के दौरान कई बार कक्ष से बाहर गया, जिसकी पुष्टि सीसीटीवी फुटेज से हुई है। वहीं साधु-संतों के बयान इस जांच में शामिल नहीं किए गए।

जांच रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि यदि समय रहते शिकायत दर्ज नहीं होती तो कथित गड़बड़ी का खुलासा शायद नहीं हो पाता। रिपोर्ट के अनुसार, लंबे समय तक किसी अधिकारी या कर्मचारी ने आरोपी की गतिविधियों पर आपत्ति नहीं जताई और न ही उसके खिलाफ कोई शिकायत दर्ज कराई। इससे मंदिर की निगरानी व्यवस्था और जवाबदेही पर भी सवाल खड़े हुए हैं।

जांच समिति ने भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं। इनमें गणना कक्ष और मंदिर परिसर में सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाना, गणना के दौरान ड्रेस कोड लागू करना, कर्मचारियों के मोबाइल, बैग और निजी सामान को बाहर रखना तथा सीसीटीवी कंट्रोल रूम में अलग से कर्मचारियों की तैनाती सुनिश्चित करना शामिल है।

इस बीच भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने कहा कि जब भी इस प्रकार की शिकायत या चोरी की आशंका सामने आती है, सरकार तत्काल जांच शुरू कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करती है। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं केवल वर्तमान सरकार के कार्यकाल तक सीमित नहीं हैं। यदि मौजूदा सरकार ऐसे मामलों का खुलासा कर निष्पक्ष जांच करा रही है और दोषियों पर कार्रवाई कर रही है, तो इसकी सराहना होनी चाहिए। उनके अनुसार, संभव है कि इस तरह की अनियमितताएं पहले भी होती रही हों, लेकिन वर्तमान सरकार उन्हें सामने लाकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है, जिसकी जनता भी सराहना कर रही है।

अब आरोपी की गिरफ्तारी के बाद मामले की जांच और तेज होने की संभावना है। पुलिस अदालत से रिमांड की मांग कर सकती है ताकि कथित गबन के पूरे नेटवर्क, अन्य संभावित संलिप्त लोगों और चढ़ावे की राशि में हुई कथित हेराफेरी की विस्तृत जांच की जा सके। वहीं श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की नजर अब इस बात पर है कि जांच के आधार पर आगे किन अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई होती है।

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